जेवर एयरपोर्ट से नई उड़ान, बनेगा देश का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट हब
✈️जेवर/नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से 15 जून 2026 को वाणिज्यिक (यात्री) उड़ानों की ऐतिहासिक शुरुआत होने जा रही है। हालांकि यह हवाई अड्डा केवल हवाई यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में देश ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे बड़े और आधुनिक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित होगा। ✈️🌍
🚄 नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को नमो भारत रैपिड रेल, दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन, रेलवे और मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की व्यापक योजना तैयार की गई है। इन सभी परिवहन साधनों के एकीकृत होने के बाद जेवर देश के सबसे महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी केंद्रों में शामिल होगा।
✈️ 15 जून को आएगी पहली उड़ान
एयरपोर्ट से उड़ानों के पहले दिन का शेड्यूल तय हो चुका है। पहली फ्लाइट उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सुबह 7:05 बजे उड़ान भरकर सुबह 8:05 बजे जेवर एयरपोर्ट पहुंचेगी। शुरुआती चरण में यह एयरपोर्ट देश के 16 से अधिक शहरों को जोड़ेगा। इनमें बेंगलुरु, हैदराबाद, अमृतसर, चंडीगढ़, श्रीनगर, देहरादून, धर्मशाला, जयपुर, भोपाल और पंतनगर जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। दिन की अंतिम उड़ान भी लखनऊ के लिए रवाना होगी।
🚄 नमो भारत रैपिड रेल से जुड़ेगा एयरपोर्ट
नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली और गाजियाबाद से सीधे जोड़ने के लिए 72 किलोमीटर लंबे नमो भारत कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। इस कॉरिडोर के बनने के बाद गाजियाबाद से एयरपोर्ट तक का सफर लगभग 50 से 60 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यह रूट गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से शुरू होकर नोएडा के प्रमुख सेक्टरों, सूरजपुर, कासना, परी चौक और यीडा क्षेत्र से होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचेगा।
🚅 बुलेट ट्रेन का पहला स्टेशन बनेगा जेवर
दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का पहला स्टेशन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रस्तावित है। इसके जरिए दिल्ली के सराय काले खां से जेवर एयरपोर्ट तक की दूरी मात्र 21 मिनट में पूरी की जा सकेगी। यह बुलेट ट्रेन आगे अलीगढ़, आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी तक जाएगी।
🚇 मेट्रो कनेक्टिविटी भी होगी मजबूत
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 मेट्रो स्टेशन से यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर नई मेट्रो लाइन सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचेगी। इसके अलावा दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजनाओं को भी भविष्य में जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना है।
🚆 रेलवे नेटवर्क से भी मिलेगा सीधा जुड़ाव
भारतीय रेलवे चोला-रुंधी रेलवे लाइन पर कार्य कर रहा है, जिसके तहत एयरपोर्ट के निकट नया जेवर रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। यह स्टेशन एक अंडरग्राउंड सुरंग के माध्यम से सीधे एयरपोर्ट टर्मिनल से जुड़ा होगा। यहां से वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी और तेजस जैसी ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा।
🏗️ बोड़ाकी बनेगा विशाल मल्टी-मोडल हब
ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी में लगभग 360 एकड़ क्षेत्र में विशाल मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किया जा रहा है। यहां देश का बड़ा अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT), रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और लोकल बस टर्मिनल एक ही परिसर में उपलब्ध होंगे। यहां से पॉड टैक्सी और एक्सप्रेसवे के जरिए यात्री सीधे नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे।
📈 निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट के साथ विकसित हो रहा यह इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क पूरे दिल्ली-एनसीआर की तस्वीर बदल सकता है। इससे निवेश, रोजगार, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक गतिविधियों और रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।
🌟 15 जून से शुरू होने वाला हवाई सफर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का पहला कदम है। आने वाले वर्षों में जब बुलेट ट्रेन, मेट्रो, रैपिड रेल और रेलवे नेटवर्क पूरी तरह चालू हो जाएंगे, तब जेवर देश के सबसे आधुनिक और सुगम आर्थिक एवं परिवहन केंद्रों में शुमार होगा।