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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बसेंगे 4 आधुनिक ‘नमो शहर’, 15 अगस्त तक तय होंगी जगहें

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NCRPB की 42वीं बैठक:📍 नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की 42वीं वार्षिक बैठक में दिल्ली-एनसीआर के भविष्य को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए। लगातार बढ़ती आबादी और आवास की मांग को देखते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में एक-एक अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड शहर बसाने को मंजूरी दी गई है। इन शहरों को ‘नमो नोड्स’ (Namo Nodes) नाम दिया जाएगा।

🏛️ केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री Manohar Lal Khattar की अध्यक्षता में विज्ञान भवन में हुई बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta, हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini और उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री A. K. Sharma सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

💰 5 साल में खर्च होंगे ₹5,000 करोड़

🏙️ प्रस्तावित नमो शहरों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां आधुनिक शिक्षा, स्वास्थ्य, टेक्नोलॉजी पार्क, इंडस्ट्रियल क्लस्टर और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इन परियोजनाओं पर अगले पांच वर्षों में लगभग ₹5,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

✈️ यूपी में जेवर सबसे मजबूत दावेदार

📌 उत्तर प्रदेश सरकार ने नमो शहर के लिए नोएडा, दादरी, जेवर और बुलंदशहर का प्रस्ताव रखा है।
🌍 जेवर में विकसित हो रहे Noida International Airport को देखते हुए इसे सबसे उपयुक्त विकल्प माना जा रहा है। वहीं ‘न्यू नोएडा’ परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।

📅 15 अगस्त तक आएगी रिपोर्ट

📝 नमो शहरों की रूपरेखा तय करने के लिए एक विशेष समिति गठित की गई है, जो 15 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद अंतिम स्थानों की घोषणा की जाएगी।

👥 2041 तक 15 करोड़ पहुंच सकती है NCR की आबादी

📈 रीजनल ड्राफ्ट प्लान-2041 के अनुसार अगले 15 वर्षों में एनसीआर की आबादी बढ़कर 15 करोड़ तक पहुंच सकती है, जिसमें लगभग 67% आबादी शहरी क्षेत्रों में रहेगी।

🏠 अनुमान है कि आने वाले वर्षों में 3 से 4 करोड़ लोगों के लिए नए घरों की आवश्यकता होगी।

🗺️ NCR को 4 जोन में बांटने की तैयारी

🔹 राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCT Delhi)
🔹 सेंट्रल NCR
🔹 हाईवे कॉरिडोर एवं ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जोन
🔹 शेष NCR क्षेत्र

🚄 ‘30 मिनट NCR’ विजन पर जोर

⚡ बैठक में ‘30 मिनट NCR’ प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई, जिसके तहत दिल्ली से NCR के प्रमुख शहरों तक केवल 30 मिनट में पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

🚆 समीक्षा किए गए प्रमुख कॉरिडोर:

✅ दिल्ली–पानीपत–करनाल
✅ दिल्ली–अलवर
✅ दिल्ली–नोएडा एयरपोर्ट
✅ गुरुग्राम–मानेसर

🚁 इसके अलावा हेली-टैक्सी सेवा शुरू करने पर भी विचार किया गया ताकि शहरों के बीच आवागमन और तेज हो सके।

🌱 पर्यावरण संरक्षण पर भी फोकस

🚗 NCR में BS-6 से नीचे के वाहनों को चरणबद्ध तरीके से बदलने की योजना को भी मंजूरी दी गई।

🌏 बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा सिटी क्लस्टर हब?

🏗️ ईस्टर्न-वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल, बुलेट ट्रेन, लॉजिस्टिक्स हब, फिल्म सिटी और बड़े औद्योगिक निवेशों के चलते आने वाले वर्षों में NCR में रियल एस्टेट और रोजगार का बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

📢 विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर दिल्ली-एनसीआर भविष्य में दुनिया के सबसे बड़े शहरी और आर्थिक क्लस्टर के रूप में उभर सकता है।

📌 NCRPB की अगली (43वीं) बैठक दिसंबर में आयोजित की जाएगी।

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