सरला भट्ट हत्याकांड: SIA ने अदालत में पेश किए वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक सबूत
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की बहुचर्चित सरला भट्ट हत्याकांड की जांच में राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने अदालत के समक्ष ऐसे वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं, जो इस मामले को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं। एजेंसी ने केवल मौखिक गवाहों पर ही नहीं, बल्कि आधुनिक फॉरेंसिक और डिजिटल सबूतों पर भी अपना पक्ष मजबूत किया है। ⚖️
🔬 बैलिस्टिक रिपोर्ट से बड़ा खुलासा
SIA द्वारा पेश की गई बैलिस्टिक रिपोर्ट में घटनास्थल से बरामद 7.62×39 mm राइफल के तीनों कारतूसों के खोलों की वैज्ञानिक जांच की गई। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि तीनों खोल एक ही ऑटोमैटिक हथियार से बर्स्ट फायर (लगातार गोलीबारी) के दौरान चलाए गए थे। यह रिपोर्ट अभियोजन पक्ष के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य मानी जा रही है। 🔫
📺 बिट्टा कराटे का इंटरव्यू भी बना अहम सबूत
जांच एजेंसी ने फारूक अहमद डार उर्फ ‘बिट्टा कराटे’ के चर्चित टीवी इंटरव्यू को भी अदालत में सबूत के रूप में पेश किया है। इस इंटरव्यू को इंडियन एविडेंस एक्ट की धारा 65-B के तहत आवश्यक कानूनी प्रमाणपत्र के साथ रिकॉर्ड पर लाया गया है।
इस इंटरव्यू में बिट्टा कराटे ने कथित तौर पर स्वीकार किया था कि JKLF के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर कश्मीरी पंडितों की टारगेटेड हत्याएं की गई थीं। SIA का कहना है कि यह साक्ष्य दर्शाता है कि ये हत्याएं किसी व्यक्तिगत घटना का परिणाम नहीं थीं, बल्कि एक सुनियोजित कमांड स्ट्रक्चर के तहत अंजाम दी जा रही थीं। 📑
🔍 कई अनसुलझे मामलों की भी फिर होगी जांच
SIA की इस विस्तृत जांच के दौरान ऐसे नए इनपुट और गवाह सामने आए हैं, जिनसे कश्मीर के कई ऐतिहासिक और अनसुलझे हत्याकांडों की कड़ियां भी जुड़ती दिखाई दे रही हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अब जस्टिस नीलकंठ गंजू, वकील टिक्का लाल टपलू और प्रसिद्ध कवि सरवानंद कौल प्रेमी की हत्या से जुड़े मामलों की फाइलें भी दोबारा खोली जाएंगी। इन मामलों में जल्द नई चार्जशीट दाखिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। 📂
⚖️ न्याय की नई उम्मीद
दशकों तक डर, दर्द और प्रशासनिक उदासीनता झेलने के बाद सरला भट्ट के परिवार और विस्थापित कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए SIA की यह कार्रवाई न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को अब इस जांच से नई उम्मीद जगी है।