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160 साल पुरानी हेरिटेज बिल्डिंग ‘कुमारकृपा’ में शिफ्ट होंगे CM डीके शिवकुमार

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पॉलिटिकल डेस्क | कर्नाटक के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘अनुग्रह’ को लेकर वर्षों से चली आ रही राजनीतिक धारणाएं एक बार फिर चर्चा में हैं। खबर है कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इस सरकारी आवास में रहने के बजाय बेंगलुरु की 160 साल पुरानी हेरिटेज बिल्डिंग ‘कुमारकृपा’ में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के इस फैसले और कुमारकृपा में चल रहे रिनोवेशन को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष ने इसे ऐतिहासिक धरोहर से छेड़छाड़ बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। ⚖️

🔨 ‘कुमारकृपा’ में वास्तु के अनुसार किए जा रहे बदलाव

अब तक कर्नाटक सरकार के गेस्ट हाउस के रूप में इस्तेमाल होने वाली ‘कुमारकृपा’ में मुख्यमंत्री की जरूरतों और वास्तु संबंधी मान्यताओं के अनुसार बदलाव किए जा रहे हैं।

📌 PWD कर रहा है निर्माण कार्य

  • 6 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल बनाई जा रही है।
  • भवन में कई संरचनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं।
  • सभी आवश्यक सरकारी मंजूरियां मिलने के बाद काम शुरू हुआ है।

📅 दशहरा पर हो सकती है शिफ्टिंग लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार रिनोवेशन का काम लगभग 3 महीने में पूरा होने की संभावना है। इसके बाद मुख्यमंत्री दशहरा के शुभ अवसर पर यहां शिफ्ट हो सकते हैं। 🎉

🏠 आखिर ‘अनुग्रह’ को क्यों माना जाता है ‘मनहूस’?

‘अनुग्रह’ को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के रूप में बनाया गया था, लेकिन समय के साथ इसके साथ एक अलग ही राजनीतिक छवि जुड़ गई।

🔹 राजनीतिक संयोग इस बंगले में रहने वाले कई मुख्यमंत्रियों का कार्यकाल छोटा रहा या उनकी सरकारें राजनीतिक संकट में घिर गईं।

🔹 धारणा हुई मजबूत दूसरी ओर, जिन मुख्यमंत्रियों ने किसी अन्य सरकारी आवास को चुना, उनका कार्यकाल अपेक्षाकृत स्थिर रहा। इसी वजह से राजनीतिक गलियारों में इसे मजाक-मजाक में ‘मनहूस बंगला’ कहा जाने लगा।

🔹 वास्तु उपाय भी रहे बेअसर बताया जाता है कि पहले भी कई बार वास्तु दोष दूर करने के लिए भवन में तोड़-फोड़, कमरों की दिशा बदलने और विशेष पूजा-अनुष्ठान जैसे उपाय किए गए, लेकिन इसके बावजूद इसकी छवि नहीं बदल सकी। 🔮

⚔️ JDS का सरकार पर तीखा हमला

जनता दल (सेक्युलर) ने हेरिटेज बिल्डिंग ‘कुमारकृपा’ में किए जा रहे बदलावों का कड़ा विरोध किया है।

🗣️ पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा—

“बेंगलुरु की पहचान और 160 साल पुरानी हेरिटेज बिल्डिंग ‘कुमारकृपा’ में निजी फायदे और अंधविश्वास के लिए बदलाव करना शर्मनाक है। यह वही ऐतिहासिक स्थान है जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ठहरे थे और जो दीवान के. शेषाद्रि अय्यर की विरासत से जुड़ा है। इसे निजी सुविधा के लिए बदलना हेरिटेज के साथ खिलवाड़ है।”

JDS ने सरकार से इस रिनोवेशन कार्य को तुरंत रोकने की मांग भी की है। 🚫

👀 अब सबकी नजर सरकार के जवाब पर

विपक्ष के आरोपों और हेरिटेज संरक्षण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री सचिवालय और PWD इस पूरे विवाद पर क्या सफाई देते हैं। फिलहाल, मुख्यमंत्री के संभावित नए सरकारी आवास को लेकर कर्नाटक की राजनीति में बहस तेज हो गई है।

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