20 जुलाई से शुरू हो सकता है संसद का मॉनसून सत्र
नई दिल्ली: संसद का आगामी मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक यह सत्र करीब तीन सप्ताह तक चल सकता है। हालांकि, संसदीय कार्य संबंधी मंत्रिमंडलीय समिति (CCPA) ने अभी तक इसकी तारीख और अवधि पर अंतिम मुहर नहीं लगाई है। सामान्य तौर पर मॉनसून सत्र चार सप्ताह तक चलता है और लगभग 20 बैठकें होती हैं, लेकिन इस बार बैठकों की संख्या कम रहने की संभावना जताई जा रही है। 🇮🇳🏛️
🔥 राजनीतिक माहौल के बीच होगा सत्र
पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी की हालिया चुनावी सफलता और कई विपक्षी दलों में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच यह मॉनसून सत्र काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बदले हुए समीकरणों के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों में सरकार पहले की तुलना में अधिक मजबूत स्थिति में नजर आ सकती है।
👥 विपक्षी दलों में टूट की चर्चा
सूत्रों के अनुसार कई विपक्षी दलों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
🔹 टीएमसी (TMC) के लगभग 20 सांसदों द्वारा एनडीए को समर्थन देने की चर्चा है।
🔹 शिवसेना (उद्धव गुट) के 9 में से 6 सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की खबरें हैं।
🔹 आम आदमी पार्टी (AAP) के राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के बीजेपी के साथ आने की चर्चा भी राजनीतिक गलियारों में तेज है।
🔹 एनसीपी (शरद पवार गुट) में भी संभावित टूट की अटकलें लगाई जा रही हैं।
बताया जा रहा है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष टीएमसी के 20 और शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों को अलग गुट के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव लंबित है। माना जा रहा है कि संसद सत्र शुरू होने से पहले इस पर फैसला लिया जा सकता है।
👩⚖️ महिला आरक्षण विधेयक फिर आ सकता है
सरकार एक बार फिर महिला आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक संसद में पेश कर सकती है। पिछले प्रयास में आवश्यक समर्थन नहीं मिलने के कारण यह विधेयक आगे नहीं बढ़ पाया था।
सूत्रों के अनुसार इस बार सरकार विधेयक में कुछ अहम बदलाव कर सकती है, जिनमें—
✅ राज्यों की लोकसभा सीटों में लगभग 50 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव।
✅ परिसीमन को लेकर दक्षिण भारत के राज्यों की चिंताओं को दूर करने का प्रयास।
✅ महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए नए प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं।
⚖️ ‘पीएम-सीएम कुर्सी’ संशोधन बिल भी संभव
सरकार एक ऐसे विधेयक पर भी विचार कर रही है जिसके तहत यदि किसी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री को अदालत से सजा होती है, तो उनके पद पर बने रहने से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया जा सकता है। साथ ही कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी विशेष प्रावधान जोड़े जाने की संभावना है।
🗳️ ‘एक देश, एक चुनाव’ पर भी रहेगा जोर
सरकार लंबे समय से प्रस्तावित ‘एक देश, एक चुनाव’ विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। यदि यह संसद में पेश होता है, तो लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।
📚 अन्य अहम विधेयक
मॉनसून सत्र में सरकार निम्नलिखित विधेयकों को भी संसद में पेश कर सकती है—
📖 विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक
🌍 एफसीआरए (FCRA) संशोधन विधेयक
🏅 एंटी-डोपिंग विधेयक
इन विधेयकों पर संसद में व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
⚠️ हंगामेदार रह सकता है सत्र
बदलते राजनीतिक समीकरण, विपक्ष के संभावित विरोध और कई महत्वपूर्ण विधेयकों के चलते इस बार का मॉनसून सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है। सरकार जहां अपने विधायी एजेंडे को तेजी से आगे बढ़ाना चाहेगी, वहीं विपक्ष भी विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
नोट: इस खबर में कई राजनीतिक दावे और संभावित विधेयकों का उल्लेख सूत्रों के आधार पर है। इन पर आधिकारिक पुष्टि और संसद में अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।