राम मंदिर दान चोरी पर RSS सख्त, दत्तात्रेय होसबाले बोले- दोषियों को मिले कड़ी सजा
अयोध्या/नई दिल्ली: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान पात्र से कथित चोरी के मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने इस घटना को “घोर निंदनीय” और “महापाप” बताते हुए कहा कि मामले में शामिल हर दोषी को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने मंदिर प्रबंधन और सरकार से व्यवस्था में मौजूद कमियों को तत्काल दूर करने की भी अपील की। 🚩
🛕 करोड़ों राम भक्तों की आस्था को पहुंची ठेस
आरएसएस ने अपने बयान में कहा कि अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर सदियों के संघर्ष, त्याग, समर्पण और करोड़ों राम भक्तों की आस्था का प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थल पर दान पात्र से धन चोरी होने की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। संघ के अनुसार इस घटना से देश ही नहीं, दुनिया भर के राम भक्तों की भावनाओं को गहरी चोट पहुंची है। 🙏
⚖️ दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई
संघ ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आरएसएस ने मांग की है कि—
✅ चोरी में शामिल हर दोषी की पहचान कर उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
✅ मंदिर में दान और वित्तीय प्रबंधन की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए।
✅ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
🗣️ दत्तात्रेय होसबाले ने क्या कहा?
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि इस मामले को सामान्य चोरी मानकर नहीं देखा जाना चाहिए। मंदिर परिसर में जो भ्रम और असमंजस का माहौल बना है, उसे जल्द समाप्त किया जाए और श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस संवेदनशील मामले में पूरी पारदर्शिता बरतना आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार की शंका या भ्रम की स्थिति न रहे। 🛡️
🙏 राम भक्तों से संयम की अपील
आरएसएस ने देशभर के राम भक्तों से शांति, धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की है। संघ ने कहा कि समाज को सतर्क रहना होगा ताकि कोई भी असामाजिक या राष्ट्रविरोधी तत्व इस घटना का फायदा उठाकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने या समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश न कर सके।
📌 जांच पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है। श्रद्धालुओं और आम जनता की निगाहें अब जांच रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। संघ ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए और मंदिर की व्यवस्था को पहले से अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाया जाना चाहिए।