केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, नियम तोड़ा तो होगी कार्रवाई
रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। इस बार केदारनाथ यात्रा मार्ग पर मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। गुप्तकाशी से लेकर गौरीकुंड तक अब किसी भी प्रकार की मांस की दुकान संचालित नहीं की जा सकेगी।
🙏 आस्था का सम्मान, श्रद्धालुओं को राहत
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु केदारनाथ मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पहले यात्रा मार्ग पर मांस की दुकानों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती थीं। प्रशासन के इस निर्णय से अब यात्रा मार्ग अधिक स्वच्छ और सात्विक दिखाई देगा।
⚠️ नियम तोड़ा तो सख्त कार्रवाई
इस अभियान से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता अशोक सेमवाल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यापारी प्रतिबंध के बावजूद मांस बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भी निर्देश जारी किए हैं कि कपाट खुलने से एक सप्ताह पहले सभी संबंधित दुकानों को बंद करना अनिवार्य होगा।
👩🌾 महिला मंगल दलों की जीत
केदारघाटी की महिलाओं ने इस मुद्दे को लेकर लंबे समय तक आंदोलन किया। शेरसी, रामपुर, सीतापुर और गौरीकुंड क्षेत्रों की महिला मंगल दलों ने सड़कों पर उतरकर मांस और शराब की बिक्री का विरोध किया। महिलाओं के इस संघर्ष के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया।
🏛️ प्रशासन की सख्ती
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने व्यापारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर मांस की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। इसके बाद संबंधित दुकानों पर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
📍 प्रभावित क्षेत्र
- गुप्तकाशी
- नारायणकोटी
- मैखंडा
- फाटा
- सीतापुर
- सोनप्रयाग
📌 वर्तमान स्थिति
करीब दो दर्जन दुकानों में से 10 पर नोटिस लगाए जा चुके हैं, जबकि बाकी दुकानों पर कार्रवाई जारी है।
🙌 स्थानीय लोगों ने जताया आभार
स्थानीय निवासियों और महिला मंगल दलों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे देवभूमि की पवित्रता बनी रहेगी और देश-विदेश में सकारात्मक संदेश जाएगा।