एथेनॉल सप्लाई मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: E20 नीति पर रोक नहीं
नई दिल्ली: देश की राष्ट्रीय ईंधन नीति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। ⚖️ सर्वोच्च न्यायालय ने एथेनॉल सप्लाई विवाद में कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है और स्पष्ट किया है कि E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) की मौजूदा राष्ट्रीय नीति में कोई बदलाव नहीं होगा। ⛽
👨⚖️ जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और शील नागू की पीठ ने यह आदेश सुनाते हुए कहा कि फिलहाल पुरानी सप्लाई व्यवस्था ही लागू रहेगी।
📌 क्या है पूरा मामला?
विवाद एक निजी एथेनॉल उत्पादक कंपनी की याचिका से शुरू हुआ। कंपनी का दावा था कि उसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता करीब 9.90 करोड़ लीटर है और उसने सरकारी टेंडर में 9.26 करोड़ लीटर की बोली लगाई थी, लेकिन तेल कंपनियों ने उसे केवल 3.92 करोड़ लीटर का ही आवंटन किया।
🏭 कंपनी का कहना था कि पिछले वर्षों के आवंटन के आधार पर उसे इस बार भी अधिक कोटा मिलना चाहिए था।
वहीं, 🏛️ केंद्र सरकार और तेल कंपनियों ने कोर्ट में कहा कि पिछले आवंटन के आधार पर भविष्य में समान कोटा मिलने का कोई अधिकार नहीं बनता। यदि सभी कंपनियों की ऐसी मांगें मान ली जाएं, तो राष्ट्रीय एथेनॉल नीति प्रभावित होगी।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई रोक?
कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमनी ने दलील दी कि हाईकोर्ट का आदेश E20 नीति के क्रियान्वयन पर असर डाल सकता है और इससे देशभर में चल रहे अन्य मामलों पर भी प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा एथेनॉल सप्लाई समझौते अक्टूबर 2025 में पूरे हो चुके हैं। इन दलीलों को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। हालांकि मामले की विस्तृत सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
⛽ E20 ईंधन क्यों है महत्वपूर्ण?
🇮🇳 भारत सरकार ने प्रदूषण कम करने, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से E20 नीति लागू की है।
📅 1 अप्रैल 2026 से देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर E20 ईंधन की बिक्री अनिवार्य कर दी गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय भी स्पष्ट कर चुका है कि E20 ईंधन पूरी तरह सुरक्षित है और इससे वाहनों के इंजन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
✅ सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद सरकार की E20 ईंधन नीति को फिलहाल बड़ी राहत मिली है और इसके क्रियान्वयन की रफ्तार जारी रहेगी।