मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक, ई-डीपीआर व ई-ऑफिस पर विशेष जोर
देहरादून, 02 जुलाई 2025:
उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में सचिव समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्यहित और जनहित से जुड़ी योजनाओं के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने विभागीय कामकाज को और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और डिजिटल बनाने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए।
मुख्य सचिव ने ई-डीपीआर (e-DPR) मॉड्यूल को तत्काल प्रभाव से सभी विभागों में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने से लेकर शासन स्तर पर प्रस्तुत करने तक की प्रक्रिया ई-डीपीआर के माध्यम से होनी चाहिए। इस प्रणाली के तहत कार्यों की 100% ऑनलाइन मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में UKPFMS (उत्तराखंड पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से सभी कार्मिकों की सर्विस बुक डेटा अपडेट करने की बात कही गई। साथ ही, IFMS डेटा के डिजिटाइजेशन को प्राथमिकता देते हुए इसे और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए गए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों व वाहन चालकों के जीपीएफ डेटा को भी नियमित रूप से अपडेट रखने पर विशेष बल दिया गया।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी सचिवों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों में 100 प्रतिशत ई-ऑफिस प्रणाली लागू करें, ताकि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता व गति लाई जा सके। उन्होंने जिला स्तरीय कार्यालयों को भी जल्द से जल्द ई-ऑफिस पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, बायोमैट्रिक उपस्थिति भी अनिवार्य रूप से लागू किए जाने की बात दोहराई गई।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को लेकर एक अहम निर्णय लेते हुए कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए शुक्रवार सायंकाल का समय तय किया गया है। अब किसी भी विभाग को जिलाधिकारियों से बैठक करनी हो, तो वह इसी निर्धारित समय में प्रस्ताव रखें, जिससे डीएम अन्य ज़रूरी कार्यों के लिए उपलब्ध रह सकें। साथ ही, सभी विभागों से कहा गया है कि बैठक के एजेंडा बिंदु पूर्व में ही साझा किए जाएं।
अंत में, उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को उनके द्वारा विकासखंड, तहसील और जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय नियुक्ति स्थलों को गोद लेने की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा, सभी अधिकारियों से राज्य एवं केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की सतत समीक्षा करने को भी कहा गया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, राधिका झा, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पाण्डेय, रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, नीरज खैरवाल, विनय शंकर पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।