उत्तराखंड महिला आयोग सख्त: हरिद्वार में विधवा महिला के साथ दुष्कर्म और बर्बर हमले पर स्वतः लिया संज्ञान, आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश
हरिद्वार, 14 मई 2025 — हरिद्वार जनपद के सिडकुल क्षेत्र में एक विधवा महिला के साथ हुए दुष्कर्म, आंखों में मिर्च पाउडर डालने और लोहे की रॉड से बर्बर मारपीट के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। घटना के सामने आने के बाद उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता के भाई ने स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से बताया कि पथरी क्षेत्र निवासी फैक्ट्री कर्मचारी रजत ने पहले से ही उनकी विधवा बहन को लगातार परेशान कर रहा था। आरोपी बहला-फुसला कर महिला को अपने कमरे पर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर आरोपी ने पीड़िता की आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया और लोहे की रॉड व धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद उसे एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।
इस अमानवीय घटना पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल से फोन पर बात कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने एसपी सिटी पंकज गैरोला से मामले की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा।
अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा, “ऐसे अपराधियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से शीघ्र और कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। इस तरह की मानसिकता समाज के लिए अभिशाप है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”
इसके साथ ही उन्होंने पीड़िता के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की और एम्स ऋषिकेश की निदेशक डॉ. मीनू सिंह से फोन पर बात कर पीड़िता को हरसंभव इलाज व देखभाल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
महिला आयोग की यह त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता एक बार फिर यह दर्शाती है कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शासन और प्रशासन सजग है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
— The Bharat Pulse