राजनीतिक लाभ के लिए लोक-संस्कृति और महिला सम्मान पर हमला? प्रियंका मेहर को भेजे गए नोटिस के समर्थन में बड़ा कदम!
जोशीमठ/देहरादून — उत्तराखंड की लोकप्रिय लोक–सांस्कृतिक कलाकार प्रियंका मेहर के सम्मान की रक्षा के लिए अब मामला और गंभीर मोड़ ले चुका है। मोनिका बिष्टा ने जोशीमठ ब्लॉक प्रमुख अनूप सिंह नेगी और अधिवक्ता सुरभि शाह को एक कड़ा कानूनी नोटिस भेजा है, जिसने सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
क्या हैं आरोप?
भेजे गए कानूनी नोटिस में कहा गया है कि—
✔ राजनीतिक लाभ पाने के उद्देश्य से प्रियंका मेहर की लोक-संस्कृति, महिला गरिमा और सामाजिक सम्मान को ठेस पहुँचाई गई।
✔ सोशल मीडिया पर तथ्य तोड़-मरोड़कर एक कलाकार की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई।
✔ ऐसा नैरेटिव गढ़ा गया, जिससे जनता को गुमराह किया गया और प्रियंका मेहर को निशाना बनाया गया।
अधिवक्ता सुरभि शाह पर गंभीर टिप्पणी
नोटिस में यह भी उल्लेख है कि—
➡ अधिवक्ता सुरभि शाह पहले भी ऐसी गतिविधियों से विवादों में रही हैं।
➡ इस बार भी राजनीतिक नफे-नुकसान को ध्यान में रखकर एक महिला कलाकार की प्रतिष्ठा पर प्रहार किया गया है।
14 दिनों में मांगी गई सार्वजनिक माफ़ी
कानूनी नोटिस में 14 दिनों के भीतर—
✔ सार्वजनिक माफ़ी,
✔ और सोशल मीडिया से भ्रामक पोस्ट/वीडियो/कंटेंट हटाने
की मांग की गई है। अन्यथा क़ानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।



मामला अब चर्चा में
जोशीमठ से शुरू हुआ यह विवाद अब सोशल मीडिया से निकलकर राजनीतिक गलियारों तक पहुँच गया है। स्थानीय लोग और सांस्कृतिक समूह इसे उत्तराखंड की लोक-संस्कृति और महिला सम्मान पर हमला मान रहे हैं।
आने वाले दिनों में इस प्रकरण पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।