सीमांत के बेटे हेमराज: पांगला से शिलिंग तक संस्कृति और समरसता का संदेश
पिथौरागढ़ जनपद के सीमांत क्षेत्र धारचूला के पांगला गांव में आयोजित प्रथम “पांगला महोत्सव–2025” में सीमांत के बेटे हेमराज जी ने बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
हेमराज जी ने कहा —
“पांगला मेरे लिए कोई स्थान नहीं, बल्कि एक परिवारिक भावनात्मक रिश्ता है। यहाँ के ग्रामवासियों ने हमेशा मुझे बेटे और भाई का स्नेह दिया है। आज अपनों के बीच रहना मेरे लिए अत्यंत भावनात्मक क्षण था।”
उन्होंने सभी ग्रामवासियों को इस सुंदर आयोजन के लिए विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि —
“ऐसे आयोजन हमारे क्षेत्र की एकता, परंपरा और संस्कृति को जीवंत रखते हैं। भविष्य में भी इसी भावना से कार्य करने की आवश्यकता है।”
कार्यक्रम में प्रमुख राज्य आंदोलनकारी श्री गोविंद महर ‘गोपू महर’, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री डी. के. देवलाल जी, सामाजिक कार्यकर्ता श्री हरीश सामंत जी, विवेक नौटियाल जी, आयोजक मंडल के संरक्षक भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्री राजेंद्र नेगी जी, नारायण आश्रम मंडल अध्यक्ष श्री होशियार बिष्ट जी, मेला कमेटी संयोजक श्री भवान बिष्ट जी, अध्यक्ष श्री प्रेम सिंह बिष्ट जी, ग्राम प्रधान श्रीमती सपना बिष्ट जी सहित समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।
इसके उपरांत, पिथौरागढ़ जनपद की पावन भूमि बाबा थलकेदार की धरती पर आयोजित “आठगांव शिलिंग मेला महोत्सव–2025” में भी सीमांत के बेटे हेमराज जी ने माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (सांसद) श्री अजय टम्टा जी के साथ सम्मिलित होकर सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में शिरकत की।

कार्यक्रम में लोक कलाकारों और सांस्कृतिक प्रतिभाओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक प्रस्तुतियों ने जनमानस को भावविभोर कर दिया। आयोजन मंडल द्वारा शानदार कार्यक्रम के लिए हेमराज जी ने हार्दिक बधाई दी और कहा —
“ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में सद्भाव, समन्वय और लोक परंपराओं के संरक्षण के प्रतीक हैं। हमारी लोककलाएँ, संगीत और नृत्य ही हमारी सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखते हैं।”
इस अवसर पर गोपू महर जी, डी. के. देवलाल जी, कमला चुफाल जी, कृपाल वाल्दिया जी, जीवन वाल्दिया जी, वीरेन्द्र वाल्दिया जी, मीनू बिष्ट जी, राजा चंद जी, इंद्र लूंठी जी, मन्नू कन्याल जी, हरीश सामंत जी, विवेक नौटियाल जी, जगत सिंह खाती जी, राकेश देवलाल जी सहित बड़ी संख्या में युवा एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

