ऑपरेशन सिंदूर ने बदला गेम: भारत ने PoK में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया, पाकिस्तान बौखलाया
The Bharat Pulse | Ground Report | 7 May 2025
India ने एक बार फिर बता दिया कि जब बात अपने नागरिकों की सुरक्षा की आती है, तो वो किसी भी हद तक जा सकता है। “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत भारतीय वायुसेना ने PoK और पाकिस्तान के अंदर घुसकर टेरर बेस को ध्वस्त कर दिया। ये कार्रवाई पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले का जवाब था जिसमें 26 श्रद्धालु मारे गए थे — और इस बार जवाब बहुत ठोस और साफ था।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
इस मिशन को नाम दिया गया “Operation Sindoor” — ये उन महिलाओं के सम्मान में है जिन्होंने अपने पति खो दिए। सिंदूर, जो सुहाग का प्रतीक है, अब शौर्य और प्रतिशोध की पहचान भी बन गया है।
मुख्य कार्रवाई:
- लोकेशन: बहावलपुर, मुज़फ्फराबाद, मुरिदके, कोटली, सियालकोट जैसे टेरर हब्स को किया गया टारगेट।
- टेक्नोलॉजी: राफेल जेट्स से SCALP और Hammer मिसाइलें दागी गईं।
- ड्यूरेशन: ऑपरेशन केवल 23 मिनट चला लेकिन तबाही बड़ी थी।
- नतीजे: 9 ठिकाने पूरी तरह तबाह, 700+ आतंकी मारे गए, 60 घायल।
पाकिस्तान का दावा और बौखलाहट:
- पाकिस्तान ने कहा कि India ने सिविलियन एरियाज को भी टारगेट किया है — जिसमें मस्जिद, रिहायशी इलाके शामिल थे।
- उन्होंने दावा किया कि 5 भारतीय फाइटर जेट्स और एक ड्रोन गिराए गए — हालांकि इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला।
- पाकिस्तानी PM शहबाज़ शरीफ़ ने इसे “युद्ध की कार्रवाई” बताया और बदला लेने की बात कही।
भारत की चुप्पी, लेकिन सेना की स्पष्टता:
- भारत सरकार ने आधिकारिक बयान नहीं दिया लेकिन सेना के सूत्रों ने साफ कहा — “ये एक सीमित लेकिन निर्णायक ऑपरेशन था। टेरर के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।”
- NSA अजीत डोभाल और CDS जनरल अनिल चौहान ने मिशन की निगरानी की।
पॉलिटिकल रिएक्शन:
- कांग्रेस, TMC, AAP सभी ने सेना की तारीफ की।
- सोशल मीडिया पर #OperationSindoor, #PoKStrike, #JusticeForPahalgam जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
- कई लोगों ने इसे “2016 सर्जिकल स्ट्राइक का अगला चैप्टर” कहा।
इंटरनेशनल रिएक्शन:
- UN ने दोनों देशों से संयम की अपील की।
- अमेरिका ने कहा, “हम भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को समझते हैं, लेकिन escalation नहीं होना चाहिए।”
- चीन ने स्थिति पर ‘चिंता’ जताई।
The Bigger Picture:
“ऑपरेशन सिंदूर” केवल एक जवाबी हमला नहीं है — ये एक geopolitical message भी है। India ने साफ कर दिया है कि अब वो सिर्फ वार्ता से नहीं, कार्रवाई से जवाब देगा।