पेपर लीक मामले में CM धामी का बड़ा फैसला, युवाओं की मांगे मानीं; त्रिवेंद्र ने फिर की वाहवाही बटोरने की कोशिश
देहरादून। उत्तराखंड में पेपर लीक प्रकरण को लेकर चल रहे युवा आंदोलनों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा कदम उठाते हुए युवाओं से सीधा संवाद किया और उनकी मांगें स्वीकार कर लीं। धामी ने आश्वस्त किया कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। युवाओं के बीच जाकर मुख्यमंत्री का यह निर्णय उन्हें राहत और भरोसा दिलाने वाला साबित हुआ।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चर्चा है कि रावत लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं मानो उनकी वजह से ही सीबीआई जांच संभव हो पाई हो। जबकि हकीकत यह है कि रावत जब स्वयं मुख्यमंत्री थे, तब वे सीबीआई जांच के खिलाफ थे और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक जाकर सीबीआई जांच को रोकने का प्रयास किया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं के मुद्दे पर सीधा और ठोस कदम उठाने वाले वास्तव में मुख्यमंत्री धामी हैं, जबकि त्रिवेंद्र रावत अब आंदोलन का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। आंदोलनरत युवाओं का भी कहना है कि “आज अगर हमारी बात सुनी जा रही है, तो वह धामी सरकार की वजह से है, न कि रावत की वजह से।”
The Bharat Pulse के अनुसार, यह मामला साफ कर देता है कि राज्य के युवाओं का विश्वास मुख्यमंत्री धामी के साथ है, जिन्होंने कठिन फैसले लेकर भ्रष्टाचार और पेपर माफियाओं पर प्रहार किया है।