योग से विश्व में बनी भारत की पहचान, भराड़ीसैंण में अंतर्राष्ट्रीय मंच बना योग का केंद्र बोले पुष्कर सिंह धामी
🧘♀️🌏 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले – “योग हमारी प्राचीन सनातन संस्कृति का मूल स्तंभ”
गैरसैंण/देहरादून | 20 जून 2025
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) की पूर्व संध्या पर उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण, गैरसैंण एक वैश्विक योग मंच में तब्दील हो गई, जहां 8 देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और प्रतिनिधि, देश-विदेश के योगाचार्य और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एक मंच पर जुटे।
मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विदेशी मेहमानों और योग गुरुओं का उत्तराखंडी टोपी और प्रतीक चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक विश्व के सामने प्रस्तुत की।

🗣️ “योग हमारी प्राचीन विरासत का अमूल्य उपहार” – मुख्यमंत्री धामी
योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा:
“योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और मानसिक संतुलन की साधना है। यह हमारी सनातन संस्कृति का मूल स्तंभ है, जो आज दुनिया भर के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है।”
उन्होंने कहा कि योग मानवता को ऋषियों की महान देन है। यह न केवल तनाव, चिंता, और विकारों से मुक्ति का मार्ग है, बल्कि एक जीवनदर्शन भी है।
🌐 विदेशी प्रतिनिधियों ने की उत्तराखंड की वेलनेस परंपरा की सराहना
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित मेक्सिको, फिजी, नेपाल, सूरीनाम, मंगोलिया, लातविया, श्रीलंका और रूस के राजनयिकों का स्वागत करते हुए कहा कि:
“उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने के लिए हमारी सरकार ने नई योग नीति लागू की है। यहाँ की जैव विविधता, हिमालयी वातावरण, पारंपरिक आयुर्वेद, और प्रशिक्षित मानव संसाधन हमें दुनिया में अग्रणी बना सकते हैं।”
उन्होंने उत्तराखंड की औषधीय संपदा, पारंपरिक सुपरफूड्स, और प्राचीन आयुर्वेदिक संस्थानों जैसे ऋषिकुल, गुरूकुल का उल्लेख करते हुए प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
🎭 कार्यक्रम में दिखी उत्तराखंड की समृद्ध विरासत
इस अवसर पर प्रस्तुत हुए:
- नंदा देवी राज जात की झलक
- झोड़ा-छपेली, नाटी, और जौनसारी नृत्य
- छोलिया नृत्य और परंपरागत वाद्य यंत्रों की गूंज
विदेशी मेहमानों ने उत्तराखंड की सुंदरता, स्वच्छ वातावरण, और आध्यात्मिकता की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

🧘♂️ मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की होगी उपस्थिति
मुख्यमंत्री ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम का आयोजन देहरादून पुलिस लाइन में होगा, जिसमें राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी। वहीं गैरसैंण में राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री स्वयं प्रतिभाग करेंगे।
📜 संयुक्त राष्ट्र से योग की वैश्विक यात्रा तक
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि:
“2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में स्वीकार किया, जिसे 177 देशों ने समर्थन दिया। आज यह भारत की वसुधैव कुटुंबकम् की भावना और सांस्कृतिक नेतृत्व का प्रतीक है।”
उत्तराखंड योग, आयुर्वेद और वेलनेस की प्राचीन परंपरा को समेटे हुए, आज वैश्विक स्वास्थ्य और चेतना का केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश न केवल भारत की गौरवशाली सनातन विरासत को आगे बढ़ा रहा है, बल्कि वैश्विक मंचों पर अपनी अलग पहचान भी स्थापित कर रहा है।