अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले भराड़ीसैंण बना वैश्विक योग केंद्र, 8 देशों के राजदूत पहुंचे; मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हुआ भव्य स्वागत
भराड़ीसैंण (गैरसैंण), 20 जून।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से एक दिन पूर्व भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में आयोजित हो रहे मुख्य योग कार्यक्रम में प्रतिभाग हेतु आज 8 देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और प्रतिनिधि विशेष रूप से पहुंचे। इस ऐतिहासिक मौके पर उत्तराखण्ड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण की हरी-भरी वादियाँ, स्वच्छ वातावरण और पारंपरिक संस्कृति ने विदेशी मेहमानों को अभिभूत कर दिया।

जैसे ही प्रतिनिधिमंडल भराड़ीसैंण पहुँचा, उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति की भव्य झलक उनके स्वागत के रूप में प्रस्तुत की गई। छोलिया नृत्य और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के साथ स्वागत कर स्थानीय संस्कृति की गरिमा को दर्शाया गया। विदेशी मेहमानों ने इसे “अद्भुत और हर रूप से समृद्ध स्थल” बताते हुए गैरसैंण की सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की।

इस अवसर पर भारत में मैक्सिको के राजदूत श्री फेडेरिको सालास, मेक्सिको दूतावास में आर्थिक मामलों के प्रमुख श्री रिकार्डो डेनियल डेलगाडो, फिजी के हाई कमिश्नर श्री जगन्नाथ सामी, नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा, सूरीनाम के राजदूत श्री अरुणकोमर हार्डियन, मंगोलिया के राजदूत श्री डंबाजाविन गैंबोल्ड, लातविया के डिप्टी हेड ऑफ मिशन श्री मार्क्स डीतॉन्स, श्रीलंका उच्चायोग के मिनिस्टर काउंसलर श्री लक्ष्मेंद्र गेशन डिसनायके, तथा रूसी दूतावास की प्रथम सचिव सुश्री क्रिस्टिना अनानीना और तृतीय सचिव सुश्री कैटरीना लज़ारेवा सम्मिलित हुए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भव्य स्वागत
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में प्रतिभाग हेतु जब मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भराड़ीसैंण पहुंचे, तो उनका पारंपरिक और भव्य स्वागत किया गया। छोलिया लोक नृत्य और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन किया गया। इस विशेष अवसर पर उन्हें पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया, जिसने समारोह को और अधिक गरिमा प्रदान की।
यह आयोजन न केवल उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान को विश्व मंच पर स्थापित करता है, बल्कि गैरसैंण को योग, शांति और प्राकृतिक सौंदर्य के वैश्विक केंद्र के रूप में भी उभरने का अवसर देता है।