अमर सुब्रमण्यम: भारतीय मूल के एआई दिग्गज, जिन्हें मिली एप्पल की AI डिवीजन की कमान
2 दिसंबर 2025,
टेक दुनिया से बड़ी खबर सामने आई है। एप्पल ने भारतीय मूल के एआई विशेषज्ञ अमर सुब्रमण्यम को कंपनी का नया वाइस प्रेसिडेंट ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (VP of AI) नियुक्त किया है। वे एप्पल में लंबे समय से एआई रिसर्च का नेतृत्व कर रहे जॉन जियान्नांद्रिया की जगह लेंगे, जो स्प्रिंग 2026 तक एडवाइजर की भूमिका में रहकर रिटायर होंगे।
सुब्रमण्यम अब एप्पल की फाउंडेशन मॉडल्स, मशीन लर्निंग रिसर्च, एआई सेफ्टी, और इवैल्यूएशन टीम्स का नेतृत्व करेंगे। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब एप्पल एआई रेस में पिछड़ने के आरोप झेल रहा है और कंपनी सिरि के बड़े अपग्रेड व अपने सभी प्रोडक्ट्स में Apple Intelligence को इंटीग्रेट करने पर फोकस कर रही है।
बेंगलुरु से एप्पल तक का सफर
अमर सुब्रमण्यम का जन्म बेंगलुरु में हुआ।
उन्होंने बैंगलोर यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बैचलर किया और उसके बाद 2005-2009 के बीच यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन से पीएचडी पूरी की।
उनकी रिसर्च इन प्रमुख क्षेत्रों में रही—
- एंटिटी रेजोल्यूशन
- मल्टीलिंग्वल NLP
- क्रॉस-डॉक्यूमेंट कोरेफरेंस
- ऑडियो-विजुअल स्पीच एन्हांसमेंट
इन सभी क्षेत्रों की विशेषज्ञता उन्हें दुनिया के शीर्ष मल्टीमॉडल और स्केलेबल सिस्टम्स विशेषज्ञों में शामिल करती है।
Google, Microsoft और अब Apple: 16 वर्षों की टॉप-टेक जर्नी
सुब्रमण्यम का करियर 2009 में गूगल से शुरू हुआ।
16 वर्षों के दौरान उन्होंने रिसर्चर से लेकर VP ऑफ इंजीनियरिंग (Gemini AI Assistant) तक का सफर तय किया।
- उन्होंने Gemini प्रोजेक्ट का नेतृत्व किया, जिसे दुनिया का सबसे उन्नत एआई असिस्टेंट माना जाता है।
- जून 2025 में, उन्होंने गूगल छोड़ा और Microsoft जॉइन किया, जहां वे कॉर्पोरेट VP ऑफ AI रहे।
- माइक्रोसॉफ्ट में उन्होंने Copilot चैटबॉट और एंटरप्राइज AI टूल्स पर काम किया।
- अब वे एप्पल के सॉफ्टवेयर चीफ क्रेग फेडरिघी को रिपोर्ट करेंगे।
टिम कुक का बयान
एप्पल के CEO टिम कुक ने कहा—
“अमर की विशेषज्ञता एआई रिसर्च को आगे बढ़ाने और हमारे प्रोडक्ट्स में इंटेलिजेंट फीचर्स को इंटीग्रेट करने में बेहद महत्वपूर्ण होगी।”
उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि अमर सुब्रमण्यम की नियुक्ति एप्पल के टैलेंट वॉर में एक बड़ी जीत है।
क्योंकि कंपनी Apple Intelligence के लॉन्च में देरी और Siri को नई क्षमताओं से लैस करने की चुनौतियों से जूझ रही है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में एप्पल प्राइवेसी, सेफ्टी और जेनरेटिव AI पर और मजबूत पकड़ बनाएगी।