उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ बनाने की दिशा में निर्णायक कदम: खेल परिषद के उपाध्यक्ष हेमराज बिष्ट का टिहरी दौरा, बौराड़ी स्टेडियम का किया निरीक्षण
नई टिहरी — उत्तराखंड राज्य स्तरीय खेल परिषद के उपाध्यक्ष हेमराज बिष्ट ने शुक्रवार को अपने गढ़वाल प्रवास के दौरान जनपद टिहरी गढ़वाल का दौरा किया। इस क्रम में उन्होंने नई टिहरी स्थित बौराड़ी खेल स्टेडियम का निरीक्षण किया और मैदान में अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों से सीधा संवाद स्थापित किया।
निरीक्षण के दौरान हेमराज बिष्ट ने खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए उनकी ज़रूरतों और चुनौतियों को समझने का प्रयास किया। खिलाड़ियों ने उन्हें बताया कि वर्तमान में मैदान की घास की स्थिति ठीक नहीं है, सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं है और प्रशिक्षकों की भी भारी कमी है। इसके अलावा शौचालय, पेयजल और खेल सामग्री की उपलब्धता को लेकर भी खिलाड़ियों ने अपनी बातें रखीं।

बिष्ट ने सभी बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल उत्तराखंड को देवभूमि बनाए रखना नहीं है, बल्कि इसे ‘खेलभूमि’ के रूप में विकसित करना भी है। हमारे पहाड़ों के बच्चे शारीरिक रूप से मजबूत, मानसिक रूप से दक्ष और अनुशासनप्रिय होते हैं। इन्हें सही संसाधन और प्रशिक्षण मिल जाए, तो ये राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।”
बिष्ट ने इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का युवा नेतृत्व उत्तराखंड के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। वे खुद युवा हैं और युवाओं की आकांक्षाओं को अच्छी तरह समझते हैं। उनके नेतृत्व में उत्तराखंड में शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री का विज़न ही हमें देवभूमि को खेलभूमि में बदलने की प्रेरणा देता है।”
उनके साथ इस दौरे में गौ सेवा आयोग के सदस्य धर्मवीर गुसाईं एवं युवा सामाजिक कार्यकर्ता विवेक नौटियाल भी शामिल रहे। दोनों ने खिलाड़ियों से मुलाकात की और क्षेत्रीय खेल अधोसंरचना की स्थिति का वस्तुपरक मूल्यांकन किया।
स्थानीय राजनीतिक व सामाजिक प्रतिनिधियों की भी इस अवसर पर अहम भूमिका रही। दौरे के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता गोविंद बिष्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष (किसान मोर्चा) , जिला पंचायत के सदस्य शिव सिंह बिष्ट, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शंकर नेगी व सक्रिय जनसेवक धनवीर रावत तथा पूर्व ग्राम प्रधान टिकम सिंह नेगी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन सभी ने खेल परिषद से मांग की कि बौराड़ी स्टेडियम को जिला स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र का दर्जा दिया जाए और यहां आधारभूत सुविधाओं को शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।
दौरे के अंत में हेमराज बिष्ट ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शीघ्रता से एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराएं, जिसमें स्टेडियम की स्थिति, आवश्यक सुधार और संभावित बजट का स्पष्ट उल्लेख हो। उन्होंने कहा कि वे स्वयं इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करेंगे और टिहरी को एक मजबूत खेल हब के रूप में विकसित करने का हरसंभव प्रयास करेंगे। उनके वैयक्तिक सहायक-मा० उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद, मोहित जोशी भी मौजूद रहे।
इस कार्यक्रम ने टिहरी जनपद में खेल संस्कृति को लेकर नई उम्मीद जगाई है। स्थानीय युवाओं और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखा गया। सभी ने विश्वास जताया कि शासन-प्रशासन की यह पहल आने वाले समय में उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।