“सनातन नगरी हरिद्वार में सीएम धामी की सख्ती, गंगा घाटों से हटाया अतिक्रमण – कुंभ 2027 से पहले बुलडोज़र चला आस्था की शुद्धता के लिए!”
सनातन नगरी हरिद्वार में चला अतिक्रमण पर बुलडोज़र!
👉 सीएम धामी के निर्देश पर गंगा घाटों से हटाया जा रहा अवैध कब्जा
👉 कुंभ 2027 और कांवड़ यात्रा की तैयारी में प्रशासन ने दिखाई सख्ती
👉 “गंगा के किनारे अब सिर्फ आस्था, अवैध कब्जा नहीं”
हरिद्वार, उत्तराखंड:
जहां गंगा अविरल बहती है, जहां श्रद्धा हर श्वास में बसती है, और जहां कण-कण में सनातन की चेतना जाग्रत है — उसी हरिद्वार में प्रशासन ने अब अव्यवस्था और अतिक्रमण के विरुद्ध निर्णायक कार्यवाही शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद हर की पैड़ी के सामने लालजीवाला क्षेत्र में “सनातन अभियान” के तहत अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू हुआ है।
जिला प्रशासन, नगर निगम और विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने सुबह से लेकर देर शाम तक जेसीबी मशीनों की मदद से सैकड़ों अवैध कच्चे-पक्के ढांचों को हटाया। यह वही क्षेत्र है जहां कुंभ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु आते हैं और अखाड़ों के शिविर लगते हैं। प्रशासन ने पहले ही सार्वजनिक रूप से सूचना जारी कर अतिक्रमणकारियों को सचेत कर दिया था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह कार्रवाई पूर्व नियोजित थी, न कि अचानक।
यह अभियान केवल जमीन खाली कराने तक सीमित नहीं, बल्कि इसका उद्देश्य कुंभ 2027 और कांवड़ यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाना भी है। साथ ही हरिद्वार कॉरिडोर परियोजना को गति देने के लिए भी यह कार्यवाही आवश्यक मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी की इस पहल से यह संदेश गया है कि उत्तराखंड सरकार आस्था और व्यवस्था दोनों को समान महत्व देती है। राज्य की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय विरासत को संरक्षित करते हुए, विकास की दिशा में यह एक संतुलित कदम है।