पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की राँची बैठक: वर्षों पुराने विवाद सुलझे, नक्सलवाद और ड्रग्स पर ठोस रणनीति बनी
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📍राँची, झारखंड | 🗓️ 10 जुलाई 2025
राँची में आयोजित पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मोदी सरकार की “Cooperative Federalism” की सोच को ज़मीन पर साकार होते हुए देखा गया। जहां पहले ये परिषदें केवल चर्चा के मंच मानी जाती थीं, वहीं अब ये सहयोग की मशीन बन चुकी हैं।
बैठक में बिहार विभाजन (2000) के समय से लंबित परिसंपत्तियों, प्रशासनिक ढांचे और वित्तीय बंटवारे जैसे पुराने मामलों पर सहमति बनी। इसके अलावा बैठक में नक्सलवाद की समाप्ति को लेकर 31 मार्च 2026 तक का स्पष्ट लक्ष्य तय किया गया। केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल से इस दिशा में निर्णायक कार्रवाई की योजना पर चर्चा हुई।

ड्रग्स तस्करी पर भी गंभीर चिंता जताई गई और सीमावर्ती राज्यों में समन्वित अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और संयुक्त ऑपरेशनों को प्राथमिकता दी जाएगी।

मोदी सरकार में इन परिषदों की भूमिका लगातार प्रभावशाली होती जा रही है। अब तक आयोजित बैठकों में 83% मुद्दों का समाधान हो चुका है, जो दर्शाता है कि ये केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि प्रभावी समाधान की नींव बन चुकी हैं।