डिटेक्टिव देव को मिला देवभूमि राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2025
देहरादून | 5 जुलाई 2025
देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित देवभूमि राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार – 2025 समारोह में देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया। यह आयोजन इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तराखंड स्टेट सेंटर में पूरे गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, नवाचार, सामाजिक सेवा और जनकल्याण के क्षेत्रों से जुड़े कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सबसे विशिष्ट आकर्षण रहे देवव्रत पुरी गोस्वामी, जिन्हें लोग लोकप्रिय नाम “डिटेक्टिव देव” से जानते हैं। उन्हें “जासूसी खुफिया उत्कृष्टता” (Detective Intelligence Excellence) श्रेणी में देवभूमि राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार 2025 से नवाज़ा गया। उन्हें यह सम्मान मुख्य अतिथि सुबोध उनियाल, उत्तराखंड सरकार के वन एवं उच्च शिक्षा मंत्री, द्वारा प्रदान किया गया।
पुरस्कार प्रदान करते हुए सुबोध उनियाल ने कहा, “डिटेक्टिव देव जैसे लोग समाज में खामोशी से वह कार्य कर रहे हैं, जो आम लोगों की नजरों से दूर होते हैं लेकिन राष्ट्रहित में अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। उनका कार्य, समर्पण और नेतृत्व इस सम्मान के वास्तविक पात्र हैं।”
डिटेक्टिव देव, तिआनझू इन्वेस्टिगेटिव सर्विसेज प्रा. लि. के संस्थापक एवं निदेशक हैं। उन्होंने देशभर में निजी जासूसी सेवाओं के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने पूर्व/पश्चात वैवाहिक जांच, साइबर निगरानी, वित्तीय धोखाधड़ी, नकली उत्पादों की जांच (काउंटरफिट इन्वेस्टिगेशन), कॉर्पोरेट जासूसी, स्टिंग ऑपरेशन और लापता व्यक्तियों की खोज जैसे दर्जनों संवेदनशील मामलों को सफलतापूर्वक सुलझाया है।
उनकी कार्यशैली में नैतिकता, व्यावसायिकता और तकनीकी दक्षता का अद्वितीय संयोजन देखने को मिलता है। यही कारण है कि वे अब इस क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित कर चुके हैं। उनके नेतृत्व में संस्था ने खुफिया सेवाओं के क्षेत्र में जो सफलता हासिल की है, उसने निजी जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता और प्रामाणिकता को भी नई ऊंचाई प्रदान की है।
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य अतिथियों और विशेषज्ञों ने भी डिटेक्टिव देव के कार्यों की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस सम्मान के साथ, डिटेक्टिव देव न केवल अपने क्षेत्र में एक नई मिसाल बने हैं, बल्कि यह पुरस्कार उन सभी युवा पेशेवरों के लिए भी प्रेरणा है, जो खुफिया और जासूसी सेवाओं के क्षेत्र में एक सकारात्मक और राष्ट्रसेवी दृष्टिकोण से जुड़ना चाहते हैं.