भोगपुर, देहरादून से मुख्यमंत्री धामी ने 13 आदर्श संस्कृत ग्रामों का किया शुभारंभ, उत्तरकाशी व पौड़ी आपदा पीड़ितों के लिए राहत की घोषणा
भोगपुर (देहरादून), उत्तराखंड – उत्तराखंड में संस्कृत भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भोगपुर, देहरादून से 13 आदर्श संस्कृत ग्रामों का शुभारंभ किया। इन ग्रामों में संस्कृत भवनों के साथ-साथ प्राथमिक संस्कृत विद्यालयों की स्थापना की जाएगी, जिससे संस्कृत के संरक्षण और प्रसार को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस स्वप्न को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें संस्कृत को जन-जन तक पहुँचाने का लक्ष्य है। उन्होंने मंत्रोच्चार करते हुए कहा, “ग्रामं ग्रामं गच्छामः, संस्कृत शिक्षां यच्छामः” – अर्थात हम गाँव-गाँव जाकर संस्कृत शिक्षा देंगे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में उत्तरकाशी और पौड़ी जनपद में आई भीषण आपदा पर गहरा शोक व्यक्त किया, जिसमें कई लोगों की जान गई। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
- मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “हमारी सरकार आपदा पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।” आपदा प्रभावित क्षेत्रों में होटलों, होमस्टे, सेब के बागानों और अन्य संपत्तियों के नुकसान का आकलन करने और पुनर्वास हेतु एक समिति का गठन किया गया है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावितों को राहत पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा।
फिलहाल प्रभावित परिवारों को ₹5 लाख की त्वरित आर्थिक सहायता दी जा रही है।
यह पहल एक ओर जहाँ संस्कृत भाषा के संरक्षण का संकल्प मजबूत करती है, वहीं दूसरी ओर आपदा पीड़ितों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।