आपातकालीन चेतावनी का टेस्ट अलर्ट: दिल्ली-एनसीआर में मोबाइल यूजर्स के फोन पर आया तेज बीप वाला संदेश, जानें वजह
28 जून 2025 | नई दिल्ली
शनिवार सुबह नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में लाखों एंड्रॉइड और आईफोन यूजर्स के फोन पर एक तेज बीप के साथ एक इमरजेंसी अलर्ट मैसेज प्राप्त हुआ। अचानक आए इस अलर्ट ने कई लोगों को चौंका दिया और सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाएं भी शुरू हो गईं।
हालांकि, यह कोई खतरे की सूचना नहीं थी, बल्कि भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा भेजा गया एक टेस्ट सेल ब्रॉडकास्ट मैसेज था। इस संदेश का उद्देश्य देश में विकसित किए जा रहे इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग करना था।
क्या लिखा था मैसेज में?
“यह दूरसंचार विभाग, भारत सरकार द्वारा भेजा गया एक टेस्ट सेल ब्रॉडकास्ट मैसेज है। कृपया इस मैसेज को अनदेखा करें। आपकी तरफ से किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है।”
इस मैसेज के साथ एक तेज़ बीप की आवाज आती है, जो तब तक बजती रहती है जब तक उपयोगकर्ता उसे ‘ओके’ कर के बंद नहीं करता। यह बीप इसलिए होती है ताकि अलर्ट को अनदेखा न किया जा सके।
क्यों जरूरी है ये सिस्टम?
इस तकनीक को सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (Cell Broadcast System – CBS) कहा जाता है। यह सिस्टम मोबाइल नेटवर्क के जरिए एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद सभी फोनों पर एक साथ टेक्स्ट अलर्ट भेजने की क्षमता रखता है, चाहे डिवाइस नेटवर्क में हो या न हो।
इस सिस्टम की निगरानी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) कर रहा है, और इसका उद्देश्य है कि किसी प्राकृतिक आपदा या अन्य आपातकालीन परिस्थिति के दौरान समय पर लोगों तक चेतावनी पहुंचाई जा सके।
ऐसे अलर्ट को कैसे बंद करें?
▶ एंड्रॉइड यूजर्स:
- सेटिंग्स > Security and Emergency > Wireless Emergency Alerts > Test Alerts को बंद करें।
▶ आईफोन यूजर्स:
- सेटिंग्स > Notifications > सबसे नीचे स्क्रॉल करें > Test Alerts को बंद करें।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे परीक्षण
यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का इमरजेंसी अलर्ट टेस्ट किया गया है। इससे पहले भी NDMA और दूरसंचार विभाग समय-समय पर इस सिस्टम की टेस्टिंग करते रहे हैं, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि असली आपातकाल में यह प्रणाली प्रभावी ढंग से कार्य करे।
हालांकि यह अलर्ट कई लोगों के लिए असुविधाजनक अनुभव रहा, लेकिन ऐसे परीक्षण देश की सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को और मज़बूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। नागरिकों को ऐसे मैसेज से घबराने की जरूरत नहीं है – बल्कि इसे एक सकारात्मक प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए।